Connect with us

Brahma Kumaris tosham

तोशाम : विश्व  तम्बाकू निषेध दिवस

Published

on

तम्बाकू एक मीठा जहर है जो दीमक की भाति शरीर को अंदर से खोखला कर देता है व अनेक प्रकार की बीमारियों को जन्म देता है। यह बात विश्व  तम्बाकू निषेध दिवस पर शुक्रवार को  प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की शाखा तोशाम  तथा राजयोग एजुकेशन & रिसर्च फाउंडेशन के मेडिकल विंग के सयुंक्त तत्वाधान  में आयोजित व्यसन मुक्ति कार्यक्रम  में स्थानीय सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी मंजू ने कही। उन्होंने कहा कि सभी सामाजिक समस्याओं की जड़ नशा है जिससे हमें अल्पकाल के लिए शांति , सुख का अनुभव होता है लेकिन स्थाई नहीं। ब्रह्माकुमारी मंजू ने कहा कि आज का मानव अनेक सामाजिक, पारिवारिक समस्याओं के कारण दुख, अशांति  व तनाव से ग्रसित रहता है। इसलिए अनेक प्रकार के लड़ाई-झगड़े भी दिन-प्रतिदिन समाज में बढ़ते जा रहे है, जिसका प्रभाव घर, परिवार के साथ साथ स्वयं व बच्चों पर भी नकारात्मक पड़ता है। कार्यक्रम में कैरू सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्मकुमारी शोभा ने कहा कि तम्बाकू में निकोटीन जैसे अनेक हानिकारक पदार्थ होते है जो कैंसर जैसी भयंकर बीमारियों को जन्म देता है। उन्होंने कहा कि एक सिगरेट पीने से एक दिन में मनुष्य की 6 मिनट आयु कम होती है। इस प्रकार तम्बाकू व इससे बने पदार्थो के सेवन से तन, मन व धन का बड़ा नुकसान होता है। ब्रह्मकुमारी शोभा ने तम्बाकू व अन्य व्यसनों से मुक्ति का सहज उपाय राजयोग बताया। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन राजयोग के अभ्यास से जीवन में सुख, शांति, आनंद की अनुभूति होती है।  बी के शोभा ने उपस्थित सभा को राजयोग मैडिटेशन की गहन अनुभूति कराई , जिसने सभा में उपस्थित बच्चों  को कुछ समय के लिए मंत्रमुग्ध कर दिया I डॉ  जितेन्द्र, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, सी अच सी(सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र), तोशाम   ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि नशा एक बहुत बड़ी बीमारी है। अगर हमें बच्चों को संस्कारित बनाना है तो व्यसनों से मुक्त करना होगा साथ साथ हमें स्वयं को भी व्यसनों से मुक्त होना होगा। क्योंकि हमारे जीवन का हमारे परिवार व बच्चों पर सीधा प्रभाव पड़ता है। उन्होंने  जीवन के व्यवहारिक ज्ञान द्वारा व्यसन मुक्त खुशनुमा जीवन जीने के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी I

कार्यक्रम में कुमारी सीमा ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया | स्टेज का सकुशल संचालन  बी के सुनीता द्वारा किया गया | 
 
इस कार्यक्रम में राजकीय उच्च विद्यालय तोशाम , पी एस नवयुग स्कूल तोशाम, शिव आई टी आई तोशाम ,मॉडल संस्कृति स्कूल तोशाम  से  लगभग 250 बच्चों ने भी भाग लिया | सभा में उपस्थित बच्चों  ने शराब, नशीले पदार्थो और तम्बाकू के इस्तेमाल न करने की दृढ प्रतिज्ञा ली I   | इस कार्यक्रम में  अध्यापिका एकता , शशि ,मास्टर आत्मा राम, लेक्चरर राजेश कुमार ,लेक्चरर दक्षेन्द्र ,हेल्थ इंस्पेक्टर राजेंद्र , सतबीर सिंह ,बी के रामेश्वर  आदि मौजूद थे | 

 

Brahma Kumaris tosham

गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन EV Gireesh Bhai Ji | 05May26

Published

on

By

LIVE संगम – गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन EV Gireesh Bhai Ji |05-05-2026 | 10.00am Tosham

संगम – गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन

विषय परिचय:

वृद्धावस्था जीवन का अंतिम पड़ाव नहीं, बल्कि अनुभव, ज्ञान और आध्यात्मिक परिपक्वता का स्वर्णिम काल है। यदि इस अवस्था में मन प्रसन्न, बुद्धि सकारात्मक और आत्मा शक्तिशाली हो, तो जीवन सम्मान, संतोष और आनंद से भर जाता है।

इस विशेष संगम में जानें—

वृद्धावस्था को बोझ नहीं, बल्कि जीवन की उपलब्धि कैसे बनाएं।
शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य को संतुलित रखने के आध्यात्मिक उपाय।
राजयोग मेडिटेशन द्वारा तनाव, अकेलेपन और भय से मुक्ति का मार्ग।
परिवार एवं समाज में सम्मान, आत्मविश्वास और सकारात्मक संबंध कैसे बनाए रखें।
जीवन के प्रत्येक क्षण को उद्देश्यपूर्ण, शांतिपूर्ण और आनंदमय बनाने की प्रेरणा।
आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से सुख, शांति और आत्मबल से भरपूर जीवन जीने की कला।

वक्ता:
ई.वी. गिरीश भाई जी

संदेश:
“वृद्धावस्था उम्र की नहीं, बल्कि दृष्टिकोण की पहचान है। जब आत्मा परमात्मा से जुड़ती है, तब जीवन का प्रत्येक पल गौरव, सम्मान और आनंद से भर जाता है।”

ब्रह्माकुमारीज़ द्वारा समाज में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, आत्मनिर्भरता एवं सकारात्मक जीवन मूल्यों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “संगम – गौरवपूर्ण वृद्धावस्था एवं सम्मानित जीवन” विषय पर एक विशेष आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वरिष्ठ राजयोग शिक्षक ई.वी. गिरीश भाई जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि वृद्धावस्था जीवन का अवसान नहीं, बल्कि अनुभव, ज्ञान और आध्यात्मिक परिपक्वता का स्वर्णिम चरण है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ती मानसिक चुनौतियों, अकेलेपन और तनाव के बीच राजयोग मेडिटेशन वरिष्ठ नागरिकों को आत्मबल, मानसिक शांति और सकारात्मक दृष्टिकोण प्रदान करता है। जब व्यक्ति स्वयं को आत्मा समझकर परमात्मा से जुड़ता है, तब जीवन में नई ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का संचार होता है।

गिरीश भाई जी ने बताया कि परिवार और समाज में वरिष्ठ नागरिकों की भूमिका केवल मार्गदर्शक की नहीं, बल्कि संस्कारों एवं मूल्यों के प्रेरक स्रोत की भी है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वृद्धजनों को सम्मान, स्नेह और सहयोग प्रदान कर उन्हें गरिमापूर्ण एवं सुखद जीवन जीने का वातावरण दें।

कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों ने राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास किया तथा आध्यात्मिक जीवनशैली अपनाकर स्वस्थ, सम्मानित एवं आनंदमय वृद्धावस्था का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त करना तथा आध्यात्मिक मूल्यों के माध्यम से सकारात्मक एवं संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देना रहा।

Continue Reading

Brahma Kumaris tosham

Yogic Kheti & Jal Sarkshan @ Tosham

Published

on

By

 

 

Continue Reading

Brahma Kumaris tosham

Janmashtami 2019 @ Tosham

Published

on

By

Continue Reading

Brahma Kumaris Tosham